सर्वाइकल कैंसर से बचाव और उपचार: डॉ. स्नेहा टी. मेथवानी ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

 


जबलपुर। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर में एक प्रमुख बीमारी है, लेकिन सही समय पर पहचान और उचित इलाज से इसे रोका जा सकता है। डॉ. स्नेहा टी. मेथवानी ने बताया कि प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर से बचाव और उसके उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

क्या है सर्वाइकल कैंसर?

सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर है, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण से होता है। यह कैंसर धीमी गति से बढ़ता है और शुरुआती चरणों में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जिससे समय पर इसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपाय

1. एचपीवी वैक्सीन: यह वैक्सीन 9 से 45 वर्ष की उम्र की महिलाओं को दी जा सकती है, जो इस वायरस से बचाव में सहायक होती है।

2. नियमित पैप स्मीयर टेस्ट: इस टेस्ट से शुरुआती चरण में कैंसर का पता लगाया जा सकता है।

3. सुरक्षित यौन संबंध और जागरूकता: एचपीवी संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता और सुरक्षित यौन संबंध महत्वपूर्ण हैं।

4. धूम्रपान से बचें: धूम्रपान सर्वाइकल कैंसर के खतरे को बढ़ाता है, इसलिए इसे त्यागना जरूरी है।


उपचार के आधुनिक तरीके

डॉ. स्नेहा टी. मेथवानी के अनुसार, अगर सर्वाइकल कैंसर शुरुआती चरण में है, तो सर्जरी, कीमोथैरेपी, रेडिएशन और इम्यूनोथैरेपी जैसी आधुनिक तकनीकों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी के माध्यम से महिलाओं को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने और शुरुआती जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि समय पर इसका निदान किया जा सके और गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

महिलाओं को चाहिए कि वे नियमित रूप से अपना चेकअप कराएं और लक्षणों को नजरअंदाज न करें। सही समय पर किया गया बचाव ही स्वस्थ भविष्य की कुंजी है।

रिपोर्टर: विस्फोटक न्यूज, विस्फोटक अंदाज में।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Contact Form